व्यापार लेनदेन

व्यापार लेनदेन

 

कुछ साल पहले, एक अमेरिकी अर्थशास्त्री को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था जिसने ‘‘कैशलेस सोसायटी’’ (नकद रहित लेन-देन) को व्यापारिक लेनदेन का सबसे प्रभावी तरीका माना था। यह एक विडंबना है, कि प्राचीन मिस्र में, इसी कैशलेस (नकद रहित) प्रणाली—विनिमय —से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-फरोख्त जारी थी, यानी बिना पैसे का लेन-देन किए वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान होता था। विनिमय (नकद रहित लेन-देन) के लिए आवश्यक है, कि वस्तुओं/सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए किसी ऐसे वस्तु का उपयोग, माध्यम के रूप में किया जाए, जिसके मूल्य पर संबंधित पक्षों में सहमति हो। वह माध्यम ऐसी कोई भी चीज़ हो सकती है, जो सभी संबंधित पक्षों को स्वीकार्य हो। इस प्रकार, ग्राहक और विक्रेता अपने सामान के वर्तमान बाज़ार मूल्य की गणना आम उपयोग की किसी तीसरी वस्तु के माध्यम से करते हैं। आजकल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में, सोना, अमरीकी डॉलर आदि माध्यम वस्तु है। केवल माल के मूल्यों के बीच के मामूली अंतर को समायोजित करने के लिए कभी-कभार दी जाने वाली छोटी राशि को छोड़कर, संबंधित पक्षों के बीच सोने या डॉलर का कोई आदान प्रदान नहीं होता है।

ऐसे बहुत सारे प्राचीन मिस्री अनुबंध प्राप्त हुए हैं, जिनमें माल और सेवाओं के लेन-देन के लिए पक्षों के बीच होने वाले विनिमय समझौतों की शर्तें और विवरण दर्ज हैं। इसका एक बहुत अच्छा उदाहरण अस्युत से प्राप्त मध्य साम्राज्य (2040-1783 ई.पू.) के दौर के हेप्दएफाए के अनुबंध हैं। इन अनुबंधों से पता चलता है कि भुगतान के इन तरीकों से जटिल वाणिज्यिक लेन-देन करना संभव था। (इसका विस्तृत विवरण एर्मन के लाइफ इन एनसियंट इजिप्ट के पृष्ठ सं. 494-8 पर मौजूद हैं)

वैसे व्यापारिक लेनदेन जो वस्तु विनिमय से नहीं किए जा सकते थे, उनके लिए प्राचीन मिस्रवासियों ने सिक्कों का इस्तेमाल किया। प्राचीन मिस्र में, सिक्कों का इस्तेमाल बेहद सीमित रूप में किया जाता था, इसे ज़्यादातर विदेशी भाड़े के सैनिकों को भुगतान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था—ताकि वे अपने घर धन भेज सकें, या इसे अपने साथ अपने देश ले जा सकें—जहाँ सामान और सेवाओं के बदले इसका लेन-देन किया जा सके।

प्राचीन मिस्र में पैसे के लिए जिस शब्द का उपयोग होता था, उसी शब्द का उपयोग वजन के लिए भी किया जाता था। बिल्कुल वैसे ही, जैसे वर्तमान ब्रिटेन में, पाउंड शब्द का उपयोग भार और मुद्रा दोनो रूपों में होता है। पैसे के लिए प्रयुक्त हिब्रू शब्द शेक़ेल/शेकेल है, जो कि वजन/पैसे के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मिस्री (और अरबी)—थेक़ेल— शब्द से काफी मिलता-जुलता है।

प्राचीन मिस्र में सिक्के सोने, चांदी और तांबे के विशिष्ट वजन वाले छल्लों के रूप में बनाए जाते थे, जो विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित किए जाते थे। मिस्री भाषा में, मुहर और अंगूठी के लिए एक ही शब्द है। सभी वजनों को मापा और प्रमाणित किया जाता था। त्वत होमोसिस तृतीय (1490-1436 ई.पू.) के शासनकाल के मक़बरों के चित्रों में सोने के सिक्के मिलते हैं। आमेनहोतेप द्वितीय (1436-1413 ई.पू.) के काल के प्राप्त दस्तावेज़ों में विभिन्न वस्तुओं के मूल्यों को धातुओं के टुकड़ों—निश्चित वज़न और मूल्य के सोना, चांदी, और तांबे के टुकड़े—के रूप में व्यक्त किया गया है। इसी तरह के उदाहरण रैमेसेस काल से भी प्राप्त हुए थे।

प्राचीन (और बलदी) मिस्रियों के लिए वजन का विचार एक महत्वपूर्ण और सामान्य विषय था—जिसका विस्तार जीवन के हर पहलू में था। तराजू या पैमाने हर जगह मौजूद थे—चाहे सब्ज़ी ख़रीदना हो या संगीत की लय और ताल हो, चाहे कविता लिखना हो या न्याय दिवस के दृश्य का न्याय का तराजू हो, उनकी मौजूदगी हर जगह थी। ठीक इसी तरह, हमारे वर्तमान समय में, अंग्रेजी शब्द, स्केल का मतलब मापन के पैमाने के अलावा संगीत का सरगम भी होता है।

प्राचीन मिस्री मक़बरों में दर्शाए गए चित्रों में सार्वजनिक तौलकर्ताओं और प्रमाणकों को आम सड़कों, बाज़ारों और जगह-जगह अपने अस्थायी तराजू लगा कर वस्तुओं का वज़न निश्चित करते हुए चित्रित किया गया है। वे सरकारी अधिकारियों के रूप में कार्यरत होते थे, जो ग्राहक या विक्रेता में से किसी के साथ पक्षपात किए बिना पूरी इमानदारी और इंसाफ से अपना काम करते थे।

[ता-अपेत (थेबेस) स्थित मक़बरे में सोने और चांदी के छल्ले।]

[बाज़ार में वज़न का आधिकारिक प्रमाणीकरण।]

यहाँ लिपिक या प्रमाणक को वज़न की मात्रा को चिह्नित करते हुए दिखाया गया है, जिसमें वस्तु कुछ भी हो सकता है, ऐसे दस्तावेज़ को सौदेबाजी के पूरी तरह से मंजूरी के साथ पक्षों को दिया या दिखाया जाता था, जो उस लेन-देन के आधिकारिक प्रमाणपत्र के रूप में काम करता था।

यह परंपरा बलदी मिस्रवासियों में आज भी ज़िंदा है—वजन को मापने और उसकी शुद्धता को प्रमाणित करने वाले सार्वजनिक कब्बानेह के पैमाने के रूप में—जो संबंधित पक्षों के उपयोग के लिए लिखित रूप में प्राप्त होते हैं।

 

 

[इसका एक अंश: इसिस :प्राचीन मिस्री संस्कृति का रहस्योद्घाटन- द्वितीय संस्करण द्वारा लिखित मुस्तफ़ा ग़दाला (Moustafa Gadalla) ] 

पुस्तक सामग्री को https://egypt-tehuti.org/product/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BF/

———————————————————————————————————————-

पुस्तक खरीद आउटलेट:
उ – पीडीएफ प्रारूप Smashwords.com पर उपलब्ध है
बी – एपब प्रारूप https://books.apple.com/…/moustafa-gadalla/id578894528 और Smashwords.com पर Kobo.com, Apple पर उपलब्ध है।
सी – मोबी प्रारूप Amazon.com और Smashwords.com पर उपलब्ध है